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एडॉप्शन से हम सबको जुड़ना है


एडॉप्शन एक खूुबसूरत अनुभव है जिसके द्वारा हम अपनी इच्छाओं और ज़रूरतों को पीछे रख कर एक बच्चे से रिश्ता जोड़ लेते हैं.

हमारा विश्वास है कि एक सुखी परिवार हर बच्चे का अधिकार है. भारत में 6 करोड़ निराश्रित बच्चे हैं और लगभग 3 करोड़ निस्संतान दम्पति. फिर भी सालाना केवल 4000 से कम बच्चे गोद लिए जाते हैं. एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते हमारे आगे एक बहुत बड़ा कार्य है जिसके द्वारा गोद लेने की प्रणाली में सुधार हो सके और हर बच्चे को घर मिल सके. .

यह तभी मुमकिन है जब हम गोद लेने के बारे में अपने स्कूलों में बच्चों को पढ़ायें, फिल्मों के द्वारा जागरूकता पैदा करें, सकारात्मक भाषा का प्रयोग करें, माता पिता को कानूनी तौर पर गोद लेने के लिए सहूलियतें दें और एक अनुकूल वातावरण बनायें. हमारा दायित्व है कि हम एडॉप्शन को एक गौरवपूर्ण पहचान बनायें.



Laws

भारत में एक बच्चा 2 कानूनों के अंतर्गत गोद लिया जा सकता है. 1956 का हिन्दू मेंटेनेंस एक्ट (HAMA) या फिर 2015 का JJ एक्ट. HAMA केवल हिदुओं पर लागू होता हिया और JJ एक्ट सभी धर्मों को मानने वालों पर. HAMA एक पुराना और कमज़ोर कानून है जबकि JJ एक्ट नया और सशक्त कानून.आज की तारीख में किसी भी निराश्रित बच्चे को केवल JJ एक्ट के अंतर्गेत ही गोद लिया जा सकता है. JJ एक्ट के तहत पति / पत्नी के पूर्वे विवाह से उत्पन्न संतान, निकट परिजनों की संतान और विदेशी माता पिता द्वारा गोद ली जाने वाली संतान का प्रावधान है. JJ एक्ट में समय ज्यादा लगता है पर आपके और बच्चे के अधिकार सुरक्षित रहते हैं, आपको बच्चे के स्वास्थ्य ओर से निश्चिंतता रहती है और किसी भी आपात स्थिति में सरकार द्वारा मदद मिल सकती है.HAMA के तहत गोद लेने में आपको कुछ भी नहीं मालूम हो सकता कि बच्चा कहीं अवैधानिक तरीके से तो गोद नहीं दिया जा रहा, उसको कोई गंभीर बीमारी तो नहीं है अथवा आगे चल कर उसके माता पिता आपके परिवार में विघ्न तो नहीं डालेंगे.

सबसे पहले गोद लेने के इच्छुक माता-पिता को CARA की वेबसाइट पर रजिस्टर करना होता है.पूरी प्रक्रिया का विवरण यहाँ पर उपलब्ध है.आज की तारीख मैं CARA के साथ करीब 18,000 माता पिता पंजिकृत हैं.इन में से 80% 2 वर्ष से कम आयु के बच्चे को गोद लेने चाहते हैं.दूसरी तरफ़ CARA के पास 2000 से भी कम बच्चे हैं, जिनमे से आधे विशिष्ट ज़रुरत श्रेणी में हैं, करीब 30% 2 वर्ष से बड़े हैं और सामान्य श्रेणी में 2 वर्ष से कम आयु वाले बच्चे 200-300 से कम ही हैं. इसके परिणाम स्वरुप, गोद लेने की न्यूनतम प्रतीक्षा 12-15 महीने है.

CARA में रजिस्टर होने के बाद एडॉप्शन एजेंसी आपका गृह अध्ययन करती है और आपकी योग्यता परखती है. उनकी रिपोर्ट अधिकृत होने पर ही माता पिता बच्चे की सूचना मिलने के अधिकारी होते हैं और उनकी वरिष्ठता कायम होती है.बच्चा उपलब्ध होने पर प्रतीक्षा सूची में सबसे वरिष्ठ माता पिता को उनके विकल्पों के आधार पर उसकी सूचना दी जाती है. 48 घंटो के अन्दर उन्हें बच्चा आरक्षित करना होता है, और उसके 20 दिनों के अन्दर सभी कार्यवाही पूरी करके बच्चे को घर लाना होता है. बच्चे को आरक्षित करने के बाद यदि माता पिता उसे नहीं स्वीकार करते तो उनको प्रतीक्षा सूची में सबसे नीचे डाल दिया जाता है. यदि वे बच्चे आरक्षित ही नहीं करते, तो उनके अधिकतम 2 और बच्चों की सूचना दी जा सकती है. एक बार में केवल एक ही बच्चे की सूचना दी जाती है. बच्चों का कोई चयन मंज़ूर नहीं किया जाता और किसी भी अस्वीकृति होने की सूरत में माता पिता CARA से संपर्क साध कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं.यदि माता पिता 3 में से किसी भी बच्चे को आरक्षित नहीं करते तो भी वे प्रतीक्षा सूची के अंत में डाल दिए जाते हैं.